6G vs 5G: जानिए 5G से कितनी अलग होगी 6G तकनीक, अगली पीढ़ी के इंटरनेट में क्या नया होगा

6G vs 5G: कब तक 6G तकनीक भारत में लॉन्च होगा

इंटरनेट की दुनिया बहुत तेज़ी से बदल रही है। कुछ साल पहले जब 1980 के दशक में 2G आया था, तब किसी को नहीं पता था कि बहुत कम समय में वैश्विक क्रांति हो सकती है और अब हम 2G से 5G के बीच पहुँच चुके हैं। लेकिन तकनीक यहीं नहीं रुकेगी, यह आगे बढ़ती रहेगी। वर्तमान में जहाँ 5G तकनीक का व्यापक प्रसार हो रहा है, वहीं 6G तकनीक को भी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

6G vs 5G: जानिए 5G से कितनी अलग होगी 6G तकनीक, अगली पीढ़ी के इंटरनेट में क्या नया होगा
6G छठी पीढ़ी की वायरलेस तकनीक है, जो 5G से 100 गुना तेज़ होगी और 1 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की स्पीड प्रदान करेगी।

अब इन सभी सवालों पर विस्तार से इस पोस्ट में चर्चा करते हैं: 5G के मुक़ाबले 6G में आखिर क्या नयापन आएगा? क्या यह हमारे जीवन को और आसान बनाएगा? भारत और बाकी दुनिया में इसका भविष्य क्या है?

इंटरनेट की पीढ़ियाँ: कैसे बदलती गयी दुनिया?

इंटरनेट के विकास को पाँच मुख्य चरणों में बांटा जा सकता है:

  • 1G (1980 का दशक) – यह पहला जनरेशन था, जहां केवल एनालॉग वॉयस कॉलिंग संभव थी। यह बहुत धीमी और अस्थिर था।
  • 2G (1990 का दशक) – इसमें एसएमएस (SMS) और एमएमएस (MMS) जैसी सेवाओं के साथ डिजिटल तकनीक का भी आगमन हुआ।
  • 3G (2000 का दशक) – पहली बार इस पीढ़ी में फोन इंटरनेट का विस्तार हुआ, जिसमे वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन ब्राउज़िंग की सुविधा दी गई।
  • 4G (2010 का दशक) – इसमें  इंटरनेट 3G से 10 गुना तेज हुआ, इसमें ब्रॉडबैंड स्ट्रीमिंग, हाई स्पीड ब्राउज़िंग के साथ ऑनलाइन गेमिंग में भी सुधार हुआ ।
  • 5G (2020 का दशक) – वर्तमान में सबसे नई तकनीक , जो आईओटी (IoT), एआई (AI), स्मार्ट सिटी, और ऑटोमेशन आदि को बढ़ाबा दे रही है।
  • अब अगला कदम 6G का होगा, जो पूरे इंटरनेट को एक नई ऊँचाई पर ले जायेगा।
6G vs 5G: इंटरनेट की पीढ़ियाँ: कैसे बदलती गयी दुनिया?
चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), जापान, दक्षिण कोरिया, भारत और यूरोप, जो 6G तकनीक अपनाने की दौड़ में सबसे पहले भाग लेने वाले हैं।

5G क्या है?

मोबाइल नेटवर्क की पांचवीं पीढ़ी 5G, 4G की तुलना में अधिक गति, अधिक विश्वसनीयता और कम लेटेंसी (Latency) प्रदान करती है (लेटेंसी का अर्थ है डेटा भेजने और प्राप्त करने में लगने वाला समय)। यह मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में सुधार लाता है:
स्पीड: 5G की स्पीड 10 Gbps तक हो सकती है जो 4G LTE से 100 गुना तेज़ है।
लेटेंसी (Latency): 5G नेटवर्क में 1 मिलीसेकंड तक की कम लेटेंसी होती है, जिससे गेमिंग और वीडियो कॉलिंग बेहतर होती है।
कनेक्टिविटी: 5G की क्षमता यह है कि यह बड़े

 

पैमाने पर IoT (इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स) डिवाइस को सपोर्ट कर सकता है।

6G Vs 5G
5G, 4G की तुलना में अधिक गति, अधिक विश्वसनीयता और कम लेटेंसी (Latency) प्रदान करती है (लेटेंसी का अर्थ है डेटा भेजने और प्राप्त करने में लगने वाला समय)।

6G क्या होगा और 5G से कैसे अलग होगा?

6G छठी पीढ़ी की वायरलेस तकनीक है, जो 5G से 100 गुना तेज़ होगी और 1 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की स्पीड प्रदान करेगी। यह ज़ीरो लेटेंसी, AI-इंटीग्रेशन, होलोग्राफिक कम्युनिकेशन और अल्ट्रा-स्मार्ट कनेक्टिविटी जैसी नई सुविधाएँ लेकर आएगी। 6G (छठी पीढ़ी का इंटरनेट) 2030 तक लॉन्च होने की उम्मीद है और यह 5G से ज़्यादा तेज़ और स्मार्ट होगा।

6G की मुख्य विशेषताएं:

  • अल्ट्रा हाई स्पीड: 6G की गति 1 Tbps (टेराबिट प्रति सेकंड) तक बढ़ सकती है, जो 5G से सौ गुना ज़्यादा तेज़ होगा।
  • ज़ीरो लेटेंसी: रोबोटिक्स और ऑटोमेशन के नज़रिए से 6G नेटवर्क में डेटा ट्रांसफर लगभग रियल-टाइम में होगा।
  • AI और मशीन लर्निंग इंटीग्रेटेड: यह छठी पीढ़ी का नेटवर्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा संचालित होगा ताकि नेटवर्क के प्रदर्शन को स्व-अनुकूलित किया जा सके।
  • होलोग्राफिक संचार: 6G तकनीक से 3D होलोग्राफिक वीडियो कॉलिंग संभव होगी।
6G Vs 5G
6G छठी पीढ़ी की वायरलेस तकनीक है, जो 5G से 100 गुना तेज़ होगी और 1 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की स्पीड प्रदान करेगी।

भारत में 5G और 6G का भविष्य

5G की वर्तमान स्थिति:

भारत में 5G सेवाएँ 2022 में शुरू हुईं और अब तक Jio, Airtel और Vi (Vodafone Idea) जैसी कंपनियाँ इसे कई शहरों में लॉन्च कर चुकी हैं। टेलीकॉम कंपनियाँ और सरकार इसे पूरे देश में फैलाने की दिशा में काम कर रही हैं।

भारत में 6G की तैयारी:

भारत ने 2030 तक भारत में 6G लॉन्च करने की योजना है जिसके लिए भारत सरकार ने 6G मिशन लॉन्च किया है।

इसरो (ISRO) सैटेलाइट आधारित इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, जिससे 6G को और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

भारत अपनी 6G तकनीक को विकसित करने पर जोर दे रहा है ताकि देश को विदेशी कंपनियों पर निर्भर न रहना पड़े।

5G vs 6G: मुख्य अंतर

विशेषता 5G 6G
स्पीड 10 Gbps 1 Tbps
लेटेंसी 1ms 0.1ms या कम
नेटवर्क इंटेलिजेंस सीमित AI इंटीग्रेशन पूर्ण रूप से AI-ड्रिवन नेटवर्क
कनेक्टिविटी IoT और स्मार्ट डिवाइसेस ऑटोमेशन, होलोग्राफिक कम्युनिकेशन
उपयोग के क्षेत्र स्मार्टफोन, ऑटोमेशन, गेमिंग होलोग्राम कॉलिंग, स्मार्ट सिटीज़, मेटावर्स

6G तकनीक पर काम करने वाले देश

कई बड़े देश 6G तकनीक को 2030 तक लॉन्च करने की योजना बना रहे हैं, जिसके लिए वो इस पर तेजी से काम भी कर रहे हैं। इसमें जो सबसे तेजी से 6G पर जो देश काम कर रहा हैं वो चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), जापान, दक्षिण कोरिया, भारत और यूरोप, जो 6G तकनीक अपनाने की दौड़ में सबसे पहले भाग लेने वाले हैं। भारत भी इस दौड़ में पूरी ताकत से आगे निकलने के लिए तैयार कर रहा हैं और 2030 तक 6G तकनीक लॉन्च करने की योजना बना रहा है।

  • चीन – 6G तकनीक में चीन सबसे आगे हैं, 2020 में, चीन ने दुनिया का पहला 6G उपग्रह लॉन्च किया था। Huawei और ZTE जैसी कंपनियाँ 6G नेटवर्क के विकास में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं। चीन ने 2030 तक 6G तकनीक के कमर्शियल लॉन्च का लक्ष्य रखा है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) – NASA और क्वालकॉम (Qualcomm) 6G तकनीक में शामिल दो अमेरिकी कंपनियाँ हैं। अमेरिकी सरकार ने नेक्स्ट जी अलायंस नामक (Next G Alliance) एक परियोजना शुरू की, जिसका उद्देश्य 6G अनुसंधान को आगे बढ़ाना है। Apple, Google और Intel जैसी तकनीकी कंपनियों के नए निवेश को 6G नेटवर्क के विकास के लिए अपना पूरा योगदान दे रहा है।
  • जापान – जापान की सरकार और NTT, NEC और Sony जैसी कंपनियाँ 6वीं पीढ़ी की तकनीक पर एक साथ काम कर रही हैं। जापान ने 2023 में 6G अनुसंधान के लिए अरबों डॉलर का बजट रखा था। 2027 तक, जापान 6G पर परीक्षण शुरू करने की योजना बना रहा हैं।
  • दक्षिण कोरिया – दक्षिण कोरियाई 5G से जुड़ी हर चीज़ में अग्रणी थे, और अब उनके शोध विभाग सैमसंग और LG अगले-6G नेटवर्क को विकसित करने में लगे हैं। इसने 2021 में अपने एक दस्तावेज़ में 6G की संभावना पर एक व्हाइटपेपर प्रकाशित किया गया। सरकार की योजना हैं की 2028 तक 6G का परीक्षण शुरू कर दिया जाये।
  • भारत – भारत 6G अनुसंधान के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत सरकार के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 6G मिशन शुरू किया है, जिसके तहत भारत का लक्ष्य 2030 तक 6G सेवाएँ शुरू करना है। इसरो (ISRO), आईआईटी (IIT) और रिलायंस जियो (Jio) जैसे संस्थान 6G तकनीक पर काम कर रहे हैं। भारत ने देश में 6G अनुसंधान की सुविधा के लिए 2024 में 6G के लिए एक परीक्षण केंद्र स्थापित किया गया था।
  • यूरोपीय संघ (EU) – यूरोपीय संघ ने Hexa-X परियोजना (Project) शुरू की है, जिसका उद्देश्य 6G नेटवर्क को विकसित करना है। 6G अनुसंधान में निवेश करने वाली कुछ यूरोपीय कंपनियों में नोकिया (Nokia) और एरिक्सन (Ericsson) शामिल हैं।

5G का क्या होगा?

क्या 6G के आने से यह बेकार हो जाएगा? नहीं, ऐसा नहीं होने वाला है। 5G का इस्तेमाल लंबे समय तक किया जाएगा। 6G तकनीक महंगी होगी और शुरुआत में इसका इस्तेमाल केवल प्रीमियम सेवाओं के लिए किया जाएगा। धीरे-धीरे, जैसे-जैसे यह सस्ती होती जाएगी, 6G का इस्तेमाल बढ़ता जायेगा और 5G कम लोकप्रिय होता जायेगा।

6G और इंटरनेट का भविष्य

आने वाला समय 6G और इंटरनेट का होगा, 6G न सिर्फ तेज मोबाइल इंटरनेट को बढ़ावा देगा बल्कि इंटरनेट ऑफ सेंस (IoS) को भी बढ़ावा देगा जिससे मशीनें बिना किसी इनपुट दिए इंसानों की तरह सोच सकें साथ हीं स्वतंत्रतापूर्वक निर्णय ले सकेंगे।

निष्कर्ष

सभी देशों में 5 जी ने तेज इंटरनेट के क्षेत्र में एक नई संभावना स्थापित की है, जबकि 6G को पूर्णतः आने में अवि समय लगेगा, लेकिन 5 जी आने वाले कई वर्षों तक प्रमुखता से हमारे जीवन में रहने वाला है। भारत 5 जी का तेजी से विस्तार कर रहा है, और साथ ही सरकार 6G की तैयारियों में तेजी से लगी हुई है।

5G और 6G से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न-FAQs

प्रश्न 1. 5जी और 6जी में क्या अंतर है?
6जी, 5जी की तुलना में ज़्यादा स्पीड, कम लेटेंसी और ज़्यादा डिवाइस कनेक्टिविटी देगा।

प्रश्न 2. भारत में 6जी कब लॉन्च होगा?
6G को भारत में 2030 तक लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।

प्रश्न 3. 5जी की तुलना में 6जी कितनी गुना तेज़ होगा?
यह 5जी की तुलना में 50-100 गुना तेज़ हो सकता है, जिससे 1Tbps तक की स्पीड संभव होगी।

प्रश्न 4. क्या 6जी के लिए नए स्मार्टफ़ोन खरीदने होंगे?
हाँ, 6जी को सपोर्ट करने वाले नए डिवाइस की ज़रूरत होगी।

प्रश्न 5. क्या 5जी उपयोगकर्ताओं के लिए 6जी में अपग्रेड करना अनिवार्य है?
नहीं, 5जी जारी रहेगा; हालाँकि, 6जी उन्नत सुविधाएँ प्रदान करेगा।

प्रश्न 6. किस क्षेत्र में 6जी मददगार साबित होगा?
स्मार्ट सिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑगमेंटेड रियलिटी और स्पेस कम्युनिकेशन।

प्रश्न 7. भारत में 6जी पर कौन काम कर रहा है?
रिलायंस, भारती एयरटेल और सरकार का दूरसंचार विभाग (DoT) इस पर रिसर्च कर रहे हैं।

प्रश्न 8. क्या 6जी रेडिएशन सुरक्षित है?
अभी तक कोई अध्ययन निर्णायक नहीं रहा है, फिर भी इसे सुरक्षित बनाने के लिए रिसर्च जारी है।

प्रश्न 9. 5जी और 6जी की कीमतों में कितना अंतर होगा?
6जी शुरुआती दौर में महंगा होगा, लेकिन समय के साथ किफायती हो जाएगा।

प्रश्न 10. क्या भारत में 6जी नेटवर्क पूरी तरह से भारतीय होगा?
6जी तकनीक को भारत में विकसित करके आत्मनिर्भर नेटवर्क बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

तो, क्या आप 6जी के लिए तैयार हैं? अपनी राय हमें कमेंट में ज़रूर बताएं!

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